Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai Karke Bur Faad Deni

नमस्कार दोस्तों आप लोगो का Blogtipsy.com इंडिया की सबसे पोपुलर हिंदी सेक्स कहानी साईट पे आपका स्वागत हैं. मेरी उम्र 23 वर्ष है, मेरे पिताजी स्कूल में अध्यापक हैं और मेरी मां घर का काम संभालती हैं। मेरी बड़ी बहन जॉब करती है और मेरा यह कॉलेज का तृतीय वर्ष है। हम लोग अभी ही थर्ड ईयर में आए हैं और मेरा कॉलेज में सबसे अच्छा दोस्त अमितवा है, वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त है। हम लोग कॉलेज में ही मिले थे और मैं पिछले दो ढाई वर्षों से अमितवा को जानता हूं। वह बहुत ही अच्छा लड़का है और हम दोनों ज्यादा समय साथ में ही रहते हैं।

मुझे जब भी कोई जरूरत पड़ती है तो मैं अमितवा को फोन कर देता हूं। इस वर्ष अमितवा की बहन ने कॉलेज में एडमिशन लिया। वह फर्स्ट ईयर में है और बीएससी कर रही है। मैं जब सोनाली से मिला तो मुझे सोनाली से बात कर के अच्छा लगा लेकिन हम दोनों की इतनी ज्यादा बात नहीं हुई थी। अब वह मुझे हमेशा ही कॉलेज में दिख जाती है इसलिए हम लोग साथ में ही बैठे रहते थे और हम लोग जब कैंटीन में होते तो साथ में ही बैठ कर बात किया करते थे। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

सोनाली भी अब मुझे अच्छे से पहचाने लगी थी। उसे पता था कि मैं अमितवा का बहुत अच्छा दोस्त हूं। एक दिन अमितवा कॉलेज नहीं आया और उसकी बहन सोनाली की कॉलेज में तबीयत खराब होने लगी, सोनाली ने मुझे फोन किया और कहा कि मेरी तबीयत खराब हो रही है क्या आप मुझे घर छोड़ सकते हैं, मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं। मैं सोनाली को घर लेकर चला गया। जब मैं सोनाली को घर लेकर गया तो उस वक्त अमितवा घर पर नहीं था। सोनाली मुझे कहने लगी कि आप अंदर आ जाओ। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

मैं पहले उसके घर नहीं जा रहा था लेकिन जब उसने कहा तो मैं उसके घर चला गया और उसकी मम्मी घर पर थी। सोनाली ने मुझे अपनी मम्मी से मिलाया और कहा कि यह भैया के दोस्त हैं, उन्हीं की क्लास में पढ़ते हैं। मैं कभी अमितवा के घर में नही गया था और ना ही कभी उनसे मिला था। आंटी मुझे कहने लगी कि अमितवा तुम्हारा हमेशा ही नाम लेता है और हमेशा ही तुम्हारी बहुत तारीफ करता है। मैंने सोनाली से कहा कि तुम आराम कर लो, वह अपने कमरे में चली गई और मैं ऑन्टी के साथ बात करने लगा। 
“Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

मैंने आंटी को बताया कि सोनाली की तबीयत खराब हो गई थी इसलिए मैं सोनाली को घर छोड़ने के लिए आया। हम लोग बात ही कर रहे थे उसी वक्त अमितवा भी घर पहुंच गया और अमितवा मुझसे पूछने लगा कि आज तुम हमारे घर कैसे आ गए। मैंने उसे बताया कि सोनाली की तबीयत खराब हो गई थी और वह मुझे कहने लगी आप मुझे घर छोड़ दीजिए इसीलिए मैं उसे घर छोड़ने के लिए आ गया।  “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

अमितवा और मैं अब सोनाली के रूम में चले गए और अमितवा उसे पूछने लगा तुम्हारी तबीयत अब कैसी है, वह कहने लगी अब मेरी तबीयत पहले से अच्छी है और पहले से बेहतर महसूस कर रही हूं। हम लोग घर पर ही बैठे हुए थे। मैंने अमितवा से कहा कि मैं अपने घर चलता हूं, मुझे घर में कुछ काम है और फिर मैं वहां से अपने घर चला गया। जब मैं अपने घर पहुंचा तो मेरी मम्मी ने मुझे कहा कि तुम मेरे साथ बाजार चलना, मुझे कुछ सामान लाना है। मैं उनके साथ बाजार चला गया और हम लोगों ने वहां से सामान लिया उसके बाद हम लोग घर लौट रहे थे तो मेरी मम्मी का पर्स वहीं दुकान पर छूट गया था और हम लोग उसे लेने के लिए वापस दुकान में गए। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

हमने देखा कि वहां पर मेरे मम्मी का पर्स नहीं था और जब हमने दुकान वाले से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि यहां पर आपका कोई भी सामान नहीं छूटा था। उसके बाद हम लोग घर लौट गए लेकिन मेरी मम्मी बहुत ज्यादा टेंशन में थी और कहने लगी कि उसमें पैसे पड़े हुए थे और अब वह पर्स चोरी हो चुका है। मैंने उन्हें कहा कि आप चिंता मत करो। जब यह बात मेरी मम्मी ने पापा को बताई तो वह कहने लगे कोई बात नहीं है तुम चिंता मत करो लेकिन मेरी मम्मी बहुत ज्यादा टेंशन में थी।

और उस दिन उन्होंने अच्छे से खाना भी नहीं खाया। जब अगले दिन मैं कॉलेज गया तो अमितवा भी मुझे कॉलेज में मिला और अमितवा से मैंने पूछा की अब सोनाली की तबीयत कैसी है, वह कहने लगा पहले से बेहतर महसूस कर रही है और वह सुबह मेरे साथ कॉलेज भी आई है। मैंने उसे कहा यह तो अच्छी बात है। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

सोनाली और मेरे बीच में अच्छी दोस्ती हो गई थी। मुझे सोनाली के साथ बात करना अच्छा लग रहा था, मैं उसे फोन कर दिया करता था और जब भी अमितवा कॉलेज नहीं आता था तो सोनाली और मैं साथ में ही घर जाते थे। मैं सोनाली से फोन पर काफी बात करता था और उसे भी मुझसे फोन पर बात करना अच्छा लगता था। धीरे-धीरे हम दोनों की बात बढ़ने लगी,  मैं जिस दिन सोनाली से बात नहीं करता उस दिन मुझे अच्छा नहीं लगता लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है।

 शायद मुझे अब सोनाली की आदत सी हो गई थी और हम लोग हमेशा ही फोन पर बात करते हैं। मै हमेशा ही सोनाली से फोन पर बात करता था। मैं एक दिन सोनाली के साथ फोन मे बात कर रहा था उस दिन मेरी उससे कुछ ज्यादा ही लंबी बात हुई और बात करते करते मैंने उसे अश्लील बातें करना शुरू कर दिया।  “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

वह मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे अपनी चूत मरवानी है मैंने उसे कहा कि तुम मुझे अपनी नंगी फोटो भेजो। जब उसने मुझे अपनी नंगी तस्वीर भेजी तो मेरा मूड पूरा खराब हो गया। मेरा पानी मेरे लोअर के अंदर ही गिर गया। मैं उस दिन सो भी नहीं पाया मुझे बिल्कुल भी नींद नहीं आई मैं अब सोनाली की चिकनी चूत मारना चाहता था।

अगले दिन वह हमारे घर आई तो मैंने सोनाली को अपने कमरे में बुला लिया और वह मेरे साथ ही बैठी हुई थी। मैंने जब उसके होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे बड़ा अच्छा लगने लगा। उसके नरम और पतले होंठ जब मैं चूस रहा था तो मेरा भी मन पूरा खराब हो रहा था और मैंने भी बड़ी देर तक उसके होठों का रसपान किया।  “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

उसके बाद जब मैंने उसके नरम और मुलायम स्तनों को अपने मुंह मे लिया तो मुझे और भी अच्छा लगने लगा। मैने उसके स्तनों को बहुत देर तक चूसा और उन्हें अपने हाथ से भी दबाया तो उसके स्तन बहुत ही सुडौल और बड़े-बड़े थे। मैंने उन्हे अपने मुंह में लेकर जैसे ही चूसा तो मैंने उसके स्तनों पर अपने दांत भी मार दिए थे मैने उसके पूरे शरीर को चाटना शुरू कर दिया। मैंने उसकी योनि पर जैसे ही अपनी जीभ को लगाया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा मैं उसकी योनि को बड़े अच्छे से चाटे जा रहा था उसकी योनि से पानी भी बाहर की तरह निकल रहा था और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

मैंने सोनाली से कहा कि अब मैं तुम्हारी चूत मे अपने लंड को डाल रहा हूं मैंने उसके दोनों पैर चौडे कर लिए और जैसे ही उसकी योनि पर मैंने अपने लंड को टच किया तो वह में मचलने लगी। मैंने धीरे-धीरे उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर गया तो वह चिल्लाने लगी उसकी योनि से खून निकलने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं सोनाली को धक्के मार रहा था वह भी अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर रही थी और मुझे भी अच्छा लग रहा था। 
“Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

 मैंने काफी देर तक उसे ऐसे ही चोदा जिससे कि मेरा लंड छिल चुका था और उसका भी पूरा मूड बन चुका था। मैंने उसके दोनों पैरों को  मिला लिया और बड़ी तेजी से मे उसे चोद रहा था उसकी चूतडे लाल हो गई थी और उसे भी मजा आने लगा था। सोनाली मुझे कहने लगी कि मुझसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है मैं ज्यादा समय तक नहीं झेल पाऊंगी लेकिन मैं से बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था जिससे कि उसका पूरा शरीर दर्द होने लगा। कुछ देर बाद उसने अपनी चूत को बहुत ज्यादा टाइट कर लिया और जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ। “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai”

अगर आपको ये कहानी Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai Karke Bur Faad Deni अच्छी लगी हैं तो शेयर करो भाई टाइम नहीं हैं.

देखो जी मुझे तो सेक्स कहानियां लिखना अच्छा लगता हैं और चुदवाना भी मेरा नाम अनामिका शर्मा हैं और मैं इस साईट की CEO हूँ और इस साईट पे आप लोगो को हिंदी सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानियां, उर्दू सेक्स कहानियां, English Sex Story, बंगाली सेक्स स्टोरी मिलेगी जो अगर आपको पसंद हैं वो पढो और अपने दोस्तों को भी शेयर करो Whatsapp पर धन्यवाद!

One Reply to “Dostwa Ke Bahiniya Ke Chudai Karke Bur Faad Deni”

Comments are closed.