Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai Thand Main


Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai Thand Main – नमस्कार दोस्तों ये कहानी मेरी और मेरी भाभी की सच्ची कहानी है आपको बोर न करते हुए सीधे कहानी पे आता हूँ. भाभी एक दिन रसोई बना रही थी तब मैं उसके कमरे में घुसा. उसके बेड के निचे देखा तो मुझे एक पोर्न फिल्म की सीडी और कुछ मेग्जिन मिले. वो मेग्जिन एकदम क्सक्सक्स फोटो वाले थे जिसके अन्दर आंटी, सेक्सी विदेशी छिनालो के पिक्स थे जो बड़े बड़े लंड लेती हे.

मैं समझ गया की भाभी के अन्दर की औरत विधवा होने के बाद भी कुलबुला रही हे और उसे लंड की जल्दी ही जरूरत हे! मैंने सोचा की भाभी के साथ चुदाई के चान्सिस भी बढ़िया हे क्यूंकि वो खुद पहले से तपी हुई हे. लेकिन चोदुं तो कैसे चोदुं अपनी सेक्सी नंदिनी भाभी को! भाभी के वक्ष और पुष्ठ को देख के अब लिंग और अंग अंग में शोले भड़क रहे थे मेरे.

भाभी अभी भी वही नजरो से देखती थी. फिर हुआ ऐसा की मेरे एक कजिन की शादी थी और हम सब को लक्जरी बस में बारात ले के जाना था. बस के अन्दर जब मैं चढ़ा तो वो एकदम पेक थी. भाभी अपने दोनों बच्चो को ले के दो वाली सिट पर बैठी थी. मुझे देख के उसने कहा, यहाँ बैठोगे? पहले तो मैंने इम्प्रेशन के चक्कर में कहा नहीं आप बैठो भाभी आराम से. लेकिन फिर मैंने सोचा की साला एक भी सिट नहीं बची हे और मैंने तो कजिन को कह दिया की मैं कार में नहीं बस में आऊंगा. मैंने सोचा था की बस में मजे होंगे लेकिन साले मेरे सब दोस्त सिट में ऐसे बैठे थे की जैसे अनजान हो. भाभी ने दुबारा पूछा तो मैं बैठ ही गया. भाभी ने एक लड़के को अपनी गोदी में ले ली. और जो उनकी छोटी बेटी हे उसे उन्होंने बस की आइल में लिटा दिया. “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

भाभी की जांघ मेरे को टच हो रही थी. और मेरे रोम रोम में अन्तर्वासना सुलग रही थी. बारात के लिए दूसरी सिटी जा रहे थे और कुछ 7 घंटे का सफ़र था. बस 11 बजे उठी थी लेकिन रस्ते में दो बार रुकना भी था नास्ते और बाथरूम के लिए. सुबह 9 बजे तक पहुँचने का एस्टीमेट था. रात के डेढ़ बजे मैं बस रुकने पर निचे गया और अपने और भाभी के लिए सेंडविच मिरिंडा ले आया. भाभी के दोनों बच्चे अब आइल में थे. भाभी ने ठंडी के लिए एक चादर निकाल के उन्के ऊपर डाली थी. हमने खा पी के गाने सुनने का सोचा. आधे से ज्यादा लोग सोये हुए थे बस में. बस आगे ड्राईवर के  नजदीक की पहली 3-4 लाइन में जो घर के बड़े मर्द थे वो बातें कर रहे थे.

मैं अपनी इयरफोन की एक टूटी भाभी के कान में और एक अपने कान में लगाईं. गाने चलने लगे और बस भी. थोड़ी देर गानों के बाद एक सेक्सी मोअनिंग वाली क्लिप चल गई. मैं चेक करूँ उसके पहले भाभी ने भी अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह कर के चुदाई के आवाज निकालती हुई लड़की का आवाज सुन लिया. वो फुसफुसा के हंस पड़ी. मेरा डर कम हो गया. मैंने कहा, सोरी. “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

वो बोली, अरे कोई बात नहीं हे.

मैंने फिर से गाने लगा दिया. भाभी ने कहा, हम दोनों भी चद्दर ओढ़ ले काफी ठंड हे आज. फिर उसने अपनी बेग से एक और चद्दर निकाली और अपने और मेरे ऊपर डाली. मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था. मैं भाभी की तरफ देखने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था. फिर वो बोली, चलो मुझे तो नींद आ रही थी.

वो सो गई और मैं दोनों कान में टूटी लगा के सुनने लगा. लेकिन मेरा दिमाग गानों में नहीं लेकिन भाभी की जांघो पर था जो मेरे बदन से घिस रही थी. मेरे लंड के अन्दर गुदगुदी सी हो रही थी. मैंने भाभी के तरफ देखा तो वो सो चुकी थी. उसकी आँखे बंद थी. मैं हिम्मत कर के अपने हाथ को नंदिनी भाभी की जांघ पर रख दिया. वो हिली नहीं लेकिन मुझे बहुत डर लग रहा था. एक तो छेड़खानी और ऊपर से विधवा औरत! बाप रे कूट ना दे सब मुझे मिल के! लेकिन भाभी हिली नहीं तो मेरी हिम्मत थोड़ी खुली. मैंने सोचा की सिर्फ जांघ को सहला के थोडा लंड खड़ा कर के हिला लूँगा. “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

पर एक बार सेक्सी भाभी की चिकनी जांघ को टच किया तो बगावत के ऊपर दिल आ गया मेरा. नंदिनी भाभी नींद में थी और मैंने हाथ को उसकी जांघ के ऊपर धीरे धीरे से हिलाया. वो सो रही थी क्यूंकि कुछ बोली जो नहीं, ना ही उसका बदन हिला. हिलती हुई बस में एक बहाना हाथ फिसलने का था मेरे पास. मैंने हाथ एक मिनिट तक वही पर रहने दिया. वो भी ऐसी ही रही. भाभी की चूत के ऊपर हाथ को ले जाने की लालसा थी और डर भी.

मैंने सोचा की जांघ को थोड़ा दबा के देखूं. भाभी जाग रही होगी तो वो कह देगी. मैंने हाथ को जांघ में प्रेस किया और तभी एक अजीब बात हुई. भाभी उठी लेकिन मुझे डांटने के लिए नहीं. उसने तो जहाँ पर मेरे ऊपर से चद्दर हट गई थी वहां पर चद्दर डाल दी. शायद वो कब से जाग ही रही थी. और वो भी शायद एन्जॉय कर रही थी मेरे साथ में! “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

मैं भाभी की तरफ देख के उसकी आँखों में देखने लगा. अब वो मेरे से आँख नहीं मिला पा रही थी शायद. चद्दर के ऊपर आते ही मैं सीधे अपने हाथ को उसकी चूत वाले हिस्से पर ले गया. भाभी की झांट भरी पड़ी थी जैसे की हाथ जंगल में था मेरा. कबूतर के घोंश्ले से भी ज्यादा बाल थे वहां पर! भाभी ने अपने होंठो को दांतों के तले दबा दिया. शायद काफी समय के बाद कोई उसकी चूत को टच कर रहा था. मैंने हाथ टटोल के भाभी के नाडा ढूंढा. भाभी की मदद से ही मैं उसे खोल सका. फिर मैंने अपने हाथ को भाभी की चूत के ऊपर रख दिया. भाभी की चूत एकदम से गरम हो चुकी थी और उसके अन्दर से पानी निकल आया था. मैंने अपने हाथ की दुसरी यानी की सब से लम्बी ऊँगली को भाभी के चूत के ऊपर घुमाया तो उसकी आह निकल पड़ी. शुक्र हे की मेरे सिवा किसी ने सुना नहीं. मैंने हाथ को फ्रिज कर दिया और अपनी आँखे बंद कर ली. भाभी भी पथ्थर हो गई. हमको किसी ने नहीं देखा था! “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

मैंने फिर धीरे से अपनी ऊँगली को अपनी इस विधवा भाभी की प्यासी चूत के ऊपर हिलाई. भाभी ने अपने हाथ से मेरे हाथ को अपने ऊपर दबा दिया. वो बहुत ही प्यासी लग रही थी.

फिर मैंने अपनी ऊँगली को भाभी की चूत के अन्दर डाल ही दी. भाभी ने हाथ को दबाये रखा था. और मैंने अपनी ऊँगली को अन्दर बाहर करने लगा था. भाभी के बूब्स को दुसरे हाथ से दबाए ये ध्यान रखते हुए की कोई देख न ले की चद्दर हिल रही हे. भाभी के निपल्स अकड चुके थे. फिर उसका हाथ मेरे लंड के ऊपर आ गया और वो उसे हिलाने लगी. मेरा लंड आज से पहले कभी इतना खड़ा नहीं हुआ था. भाभी ने जिप खोल के अब अपनी उँगलियाँ अन्दर कर दी और वो मेरे लंड को सहलाने लगी थी. उसके नाख़ून मेरे लंड के ऊपर चिभ रहे थे लेकिन बहुत मजा आ रहा था. भाभी ने लंड को अपनी मुठी में दबा के हिलाया. “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

मेरी ऊपर की सांस ऊपर और निचे की सांस निचे रह गई. भाभी मेरी मुठ मार रही थी और मैं उसकी चूत को ऊँगली से चोद रहा था. भाभी भी पूरी मस्ती में थी और मेरे लंड को ऊपर से निचे तक अपने हाथ से हिला रही थी. मेरे लंड के आगे प्रीकम छुट गया था जिसे भाभी ने अपनी ऊँगली से ले के लंड पर ही घिस दिया. मैं सातवें आसमान के ऊपर था. अब मैंने पहली ऊँगली भी दूसरी के साथ मिला ली और भाभी की चूत में पेल दी. भाभी को बड़ा ही मजा आ रहा था और वो मजे से ऊँगली से चुदवा रही थी. तभी मुझे लगा की मेरा वीर्य छूटेगा. मैंने फटाक से अपना रुमाल लिया और चद्दर के अंदर हाथ कर के अपने लंड पर रख दिया. भाभी हंस पड़ी और मैंने अपने लंड के सब पानी को रुमाल के अन्दर ही ले लिया. लंड को साफ़ कर के मैंने भाभी को दे दिया रुमाल. भाभी ने उस से अपनी चूत साफ़ की. फिर उसने मुझे इशारे से पूछा तो मैंने कहा खिड़की से बहार फेंक दो. हम दोनों के सेक्स का रस रुमाल में सडक पर फेंक दिया गया. “Bhabhi Ki Rajai Ke Andar Chudai”

लेकिन उस दिन से मेरे लिए रास्ता खुल गया नंदिनी भाभी को चोदने का.

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देखो जी मुझे तो सेक्स कहानियां लिखना अच्छा लगता हैं और चुदवाना भी मेरा नाम अनामिका शर्मा हैं और मैं इस साईट की CEO हूँ और इस साईट पे आप लोगो को हिंदी सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानियां, उर्दू सेक्स कहानियां, English Sex Story, बंगाली सेक्स स्टोरी मिलेगी जो अगर आपको पसंद हैं वो पढो और अपने दोस्तों को भी शेयर करो Whatsapp पर धन्यवाद!

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